Saturday, 19 February 2011

अनुबाद : आवश्यकता तथा स्वरुप

सूक्ति : हिंदी में विश्व की संपर्क भाषा बनाने की क्षमता है -भगवान सिंह 

हिंदी अन्य भाषाओ से भी समृद्ध हुई है. इसमे अनुवाद की महती भूमिका रही है. हिंदी में अनुवाद की आवश्यकता निम्नांकित कारणों से है: 

  1. इससे मोलिक लेखन को मार्गदर्शन मिलता है.
  2. अनुदित साहित्य से अपरिमित ज्ञान राशी प्राप्त होता है.
अनुवाद एक कला है और विज्ञानं भी. इसकी आवश्यकता उसी भाषा से उसी भाषा में भी होती है. याद रखे की भाषांतरण  किसी लिखित मूल सामग्री को पुन: उसी रूप में लिखने की प्रक्रिया है जबकि लिप्यान्तरण किसी लिखित मूल सामग्री को किसी अन्य वांछित लिपि में लिखने की प्रक्रिया.

उदहारण: 
मूल सामग्री (हिंदी ) = यह एक आम है. 
translation (english)+= this is a mango.
transcription             = यह एक आम है. 
transliteration (english)= yah ek aam hai.

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